NARCOTICS CONTROL BUREAU
MINISTRY OF HOME AFFAIRS
GOVERNMENT OF INDIA

दुरूपयोग की जाने वाली सामान्य ड्रग्स

ड्रग्स विभिन्न रुपोँ मेँ मिलती हैँ और अनेकों प्रकार से ली जा सकती हैँ। कुछ वैध होती हैँ और कुछ नहीँ होतीं। नशीले पदार्थोँ का दुरूपयोग अनेक प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ पैदा कर सकता है और अति गंभीर मामलोँ मेँ मृत्यु भी हो सकती है। स्वस्थ होने में अक्सर ड्रग्स के दुरुपयोग का इलाज करवाने से सहायता मिलती है।

 

उत्तेजक

 

यह नशीले पदार्थ शारीरिक नाड़ी तंत्र को तेज कर देते हैं और शक्ति का एहसास करवाते हैँ। इन्‍हें अपर भी कहा जाता है क्योंकि यह आपको पूरी तरह जगाने की क्षमता रखते हैं। उत्‍तेजकों का प्रभाव अवसादकों से उल्टा होता है। जब उत्तेजकों का प्रभाव क्षीण होता है तो प्रयोगकर्ता को विशेषत: कमजोरी और शक्ति क्षीण होने का एहसास होता है। प्रयोगकर्ता पर ऐसे नशीले पदार्थोँ का लगातार प्रयोग अत्‍याधिक नकारात्मक प्रभाव डालता है। इन नशीले पदार्थोँ का चरम नकारात्मक अतिरिक्त प्रभाव और इनके जीवन पर होने वाले असर को रोकने के क्रम मेँ ड्रग्‍स उपचार केंद्र की अक्सर सिफारिश की जाती है ।

 

नशीले पदार्थोँ के प्रकार मेँ सम्मिलित:

  1. कोकीन

  2. मेथाएम्फेटामिन

  3. एम्फेटामिन

  4. रिटालिन

  5. साइलर्ट

  6. इन्‍हेलेंट

इन्‍हेलेंट को सूंघा या मुंह से खींचा जाता है और ये प्रयोगकर्ता को तुरंत परिणाम देते हैं। बदकिस्मती से यह तुरंत परिणाम अचानक होने वाली मानसिक क्षति मेँ भी परिवर्तित होते हैँ। जब इन्‍हेलेंट को लिया जाता है, तो शरीर को आक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे हृदय गति तेज हो जाती है। हमेँ लीवर, फेफड़े और किडनी संबंधी समस्याएँ, सूंघने की शक्ति पर प्रभाव, चलने मेँ मुश्किल और अनिश्चितता जैसी समस्‍याएं होती हैं।

 

नशीले पदार्थोँ के प्रकार मेँ सम्मिलित:

  1. ग्‍लू

  2. पेंट थिनर

  3. गैसोलीन

  4. लाफिंग गैस

  5. एयरोसोल स्‍पे

  6. केनाबीनाएड्स

 

इन नशीले पदार्थों के परिणामों में उत्‍साह, अनिश्चितता और याददाश्‍त संबंधी समस्‍याएं होना ।

उत्कंठा, बढ़ी हुई दिल की धड़कन और साथ-साथ ही लड़खड़ाना और प्रतिक्रिया का धीमा समय होना।

 

नशीले पदार्थोँ  के प्रकार मेँ सम्मिलित:

  1. हशीश

  2. मारीजुआना

  3. अवसादक

अवसादक शरीर के केंद्रीय नाड़ी तंत्र के चालन को धीमा कर देते हैँ। इन ड्रग्‍स को “डाउनर” भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को धीमा कर देते हैँ और तनावरहित होने का एहसास करवाते हैँ। अवसादक तनाव और गुस्से से निजाद दिलाने वाले नुस्खे के रुप मेँ उपलब्ध हैं, हालांकि उनींदापन अक्‍सर ही एक अतिरिक्‍त प्रभाव होता है। इन ड्रग्‍स से होने वाला 'तनावमुक्ति' का एहसास शरीर को अनुभव होने वाला एक स्‍वस्‍थकर एहसास नहीं होता। इस ड्रग के दुरूपयोग को रोकने के लिए ड्रग उपचार का सुझाव दिया जाता है।