NARCOTICS CONTROL BUREAU
MINISTRY OF HOME AFFAIRS
GOVERNMENT OF INDIA

राज्यों में कार्य-तंत्र

राज्यों को एक महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी के अंतर्गत स्वापक औषध रोधी कार्य बल स्थापित करना चाहिए और इनके कर्त्तव्यों तथा उत्तरदायित्वों को विधिवत् रुप से निर्धारित करना चाहिए।

 

कार्य-योजना

 

राज्यों द्वारा स्वापक औषधों से संबंधित मामलों से निपटने के लिए एक कार्य योजना तैयार की हुई होनी चाहिए। कार्य योजना में अन्य बातों के साथ-साथ ऐसे प्रदेशों की पहचान करना जो ड्रग्स के अवैध व्यापार के शिकार हो सकते हैं और जिन पर इन प्रदेशों में ध्यान केंद्रित करने तथा कार्रवाई की रणनीतियाँ तैयार करने की आवश्यकता है, को शामिल होना चाहिए। कार्य-योजना में माँग नियंत्रण और आपूर्ति नियंत्रण की रणनीतियों को शामिल किया जाए। राज्यों को सहायता निगरानी, प्रयोगशालाओं एवं कार्यालयों के उपकरणों की प्राप्ति के लिए ही दी जा सकती है। इस योजना में बारम्बार होने वाले खर्चों की पूर्ति के लिए सहायता देने की व्यवस्था नहीं है। सहायता केवल उन्हीं कक्षों/एककों को प्रदान की जाएगी जो विशेषकर ड्रग कानून प्रवर्तन के कार्यों में लगे होंगे। प्राप्त सहायता को किसी अन्य उद्देश्य के लिए प्रयोग में नहीं लाया जाएगा। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के शासनादेश के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता, राज्यों को सहायता-अनुदान के प्ररुप में होगी जिसमें किसी समान प्रकार की सहायता अपेक्षित नहीं है। सहायता-अनुदान वार्षिक आधार पर दिया जाएगा जो कि उपयोग प्रमाण-पत्र तथा पहले प्राप्त सहायता का प्रयोग करने संबंधी लेखा-परीक्षा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की शर्त पर ही दिया जाएगा।